मानव चरित्र की जटिलता
मानव चरित्र परिस्थितियों और व्यवहार से गहराई से प्रभावित होता है। निरंतर अपमान, विश्वासघात और क्रूरता एक अच्छे व्यक्ति को भी कठोर बना सकती है, जबकि प्रेम, सम्मान और करुणा किसी बुरे व्यक्ति के भीतर भी अच्छाई जगा सकती है। इसलिए हमारा व्यवहार किसी को बिगाड़ भी सकता है और सुधार भी सकता है। सच्ची शक्ति अन्याय का विरोध करते हुए भी अपनी मानवता बनाए रखने में है।
— मुंशी प्रेमचंद
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